अनंत आकाश में तुमने देखे ,बादलों से बनी चित्रकारियां,
ओस की बूंदों की पिचकारियां,
पर मैंने आज़ाद उड़ते पंछी को देखा है!
INCOMPLETE....!
अनंत आकाश में तुमने देखे ,बादलों से बनी चित्रकारियां,
ओस की बूंदों की पिचकारियां,
पर मैंने आज़ाद उड़ते पंछी को देखा है!
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